देहरादून। रोड कटिंग कार्य में निर्धारित शर्तों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखण्ड लिमिटेड (पिटकुल) की रोड कटिंग की अनुमति तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई है तथा संबंधित कार्य पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके साथ ही संबंधित अधिशासी अभियंता (एक्सियन) एवं ठेकेदार के विरुद्ध मुकदमा भी दर्ज कराया गया है।
एलआईसी बिल्डिंग के समीप विद्युत केबल को भूमिगत करने के दौरान लगातार हो रही दुर्घटनाओं एवं लोगों के घायल होने की घटनाओं का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में अनुमति निरस्त करते हुए विधिक कार्रवाई की गई।
उप जिलाधिकारी (न्याय) कुमकुम जोशी के नेतृत्व में जिला प्रशासन की क्यूआरटी टीम द्वारा आईएसबीटी क्रॉसिंग एवं सहारनपुर रोड, माजरा क्षेत्र में रोड कटिंग स्थलों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में पाया गया कि संबंधित एजेंसी द्वारा निर्धारित समय एवं अनुमति आदेश में उल्लिखित शर्तों के विपरीत कार्य किया जा रहा था, जिससे यातायात बाधित हुआ और आमजन को भारी परेशानी व सुरक्षा जोखिम का सामना करना पड़ा।
गौरतलब है कि पिटकुल द्वारा 135 केवी आराघर सब-स्टेशन से निर्माणाधीन 132 केवी माजरा–लालतप्पड़ एलआईएलओ लाइन को भूमिगत केबल के माध्यम से बिछाने हेतु रोड कटिंग की अनुमति मांगी गई थी। परियोजना समन्वय समिति, देहरादून की बैठक के निर्णय के क्रम में लोक निर्माण विभाग द्वारा 16 जनवरी से 15 फरवरी तक रात्रि 10 बजे से प्रातः 5 बजे तक सशर्त अनुमति प्रदान की गई थी।
निरीक्षण में शर्तों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर जिला प्रशासन ने अग्रिम आदेशों तक संबंधित स्थलों पर रोड कटिंग कार्य पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया है। साथ ही पिटकुल को निर्देश दिए गए हैं कि सभी प्रभावित स्थलों पर तत्काल भरान कर सड़क को पूर्व स्थिति में बहाल किया जाए। आदेशों की अवहेलना की स्थिति में संबंधित अभियंता, ठेकेदार एवं अन्य जिम्मेदारों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट किया कि शहर की सड़कों, यातायात व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।