ज्योतिर्मठ। आदि शंकराचार्य जी की पवित्र गद्दी के नरसिंह मंदिर पहुंचने के साथ ही बद्रीनाथ धाम की यात्रा का पूर्णतया समापन हो गया है। और अब भगवान बद्री विशाल की शीतकालीन पूजा नरसिंह मंदिर में प्रारंभ हो गई है। इसी के साथ 6 वर्षीय शीतकालीन यात्रा का भी शुभारंभ हो गया है। गुरुवार को बद्रीनाथ धाम के मुख्य पुजारी रावल अमरनाथ नंबूदरी की अगुवाई में आदि शंकराचार्य की पवित्र गद्दी ज्योर्तिमठ स्थित नरसिंह मंदिर पहुंची यात्रा के नरसिंह मंदिर पहुंचने पर स्थानीय लोगों और विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक नृत्य कर वाद्य यंत्रों के साथ यात्रा का स्वागत किया।
नरसिंह पंचायत में विराजमान हुए गरुड़
भगवान बद्री विशाल के वाहन गरुड़ नरसिंह पंचायत में विराजमान हो गए हैं बुधवार को भगवान के वाहन गरुड़ की डोली बद्रीनाथ धाम से नरसिंह मंदिर पहुंच गई थी। बद्री केदार मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने बताया कि भगवान गरुड़ को आज पूरे विधि विधान के साथ नरसिंह पंचायत में विराजमान करने के साथ ही भगवान बद्री विशाल की शीतकालीन पूजाएं प्रारंभ हो गई है। अगले 6 माह तक भगवान बद्री विशाल की पूजाएं नरसिंह मंदिर में संचालित होंगी।
रावल ने लिया प्रभु के भोग में कमी न आने का वचन
अब अगले 6 महीने तक भगवान बद्री विशाल की शीतकालीन पूजा नरसिंह मंदिर में संचालित होगी डोली यात्रा के साथ नरसिंह मंदिर पहुंचे भगवान बद्री विशाल के मुख्य पुजारी रावल ने लक्ष्मी मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद भगवान के पूजन एवं भोग प्रसाद की व्यवस्था नरसिंह मंदिर के पुजारी के सुपुर्द की और भंडार गृह का निरीक्षण करते हुए अगले 6 महीने तक भगवान के पूजन और भोग प्रसाद में किसी तरह की कमी न आने का वचन लिया।