सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों पर जिला प्रशासन का कड़ा प्रहार वन भूमि से हटाया अतिक्रमण

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देहरादून। सरकारी एवं वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण और अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए ध्वस्तीकरण अभियान तेज कर दिया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी के नेतृत्व में राजस्व एवं वन विभाग की संयुक्त टीम ने बिष्ट गांव घंघोड़ा क्षेत्र में वन भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण को ध्वस्त किया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सरकार की एक-एक इंच भूमि की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा, निर्माण या उपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने का अभियान निरंतर जारी रहेगा और यदि किसी भी अधिकारी, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की मिलीभगत पाई गई तो उसके विरुद्ध कड़ी विभागीय व विधिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के अनुसार संबंधित भूमि राजस्व अभिलेखों में खाता-खतौनी संख्या 254, खसरा संख्या 949(क), कुल रकबा 1.3700 हेक्टेयर के रूप में वन विभाग के नाम दर्ज है। इसके बावजूद कुछ व्यक्तियों द्वारा नियमों की अनदेखी करते हुए अवैध निर्माण एवं रास्ता निर्माण किया गया था, जिसे तत्काल प्रभाव से ध्वस्त कर दिया गया। इसके अतिरिक्त खसरा संख्या 986 (0.1700 हेक्टेयर) तथा खसरा संख्या 949(क) (0.3700 हेक्टेयर) की वन भूमि से भी अवैध कब्जा हटाया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि समीप स्थित कुछ निजी भूमियों पर अवैध प्लाटिंग की तैयारी की जा रही थी, जिन तक कोई वैध मार्ग उपलब्ध नहीं था। इसके चलते आरोपियों द्वारा वन भूमि पर अवैध रूप से पक्का रास्ता बनाया गया, जिसे प्रशासन ने ध्वस्त कर वन भूमि को मुक्त कराया।
जिला प्रशासन ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा है कि वन भूमि, जंगल-झाड़ी एवं अन्य सरकारी संपत्तियों पर अतिक्रमण या अवैध प्लाटिंग करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि भूमि क्रय-विक्रय से पूर्व राजस्व अभिलेखों की जांच अवश्य करें और किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन को दें।

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