देहरादून। दून मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में डॉक्टरों की अनुपस्थिति या देरी को लेकर उठे सवालों पर मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि अधिकांश डॉक्टर समय पर ड्यूटी पर पहुंचते हैं और अस्पताल में मरीजों के उपचार का कार्य पूरी व्यवस्था के साथ चल रहा है।
उन्होंने कहा कि कभी-कभी तकनीकी कारणों या विभागीय दायित्वों के चलते किसी डॉक्टर का किसी दिन ओपीडी से अनुपस्थित रहना स्वाभाविक है, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि डॉक्टर ड्यूटी नहीं निभा रहे। कई बार डॉक्टर जांच, ऑपरेशन या किसी विशेष केस में व्यस्त रहते हैं।
डॉ. जैन ने बताया कि अस्पताल में रोजाना करीब ढाई से तीन हजार मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, जिनमें से बड़ी संख्या को समय पर उपचार मिलता है। उन्होंने कहा कि हमारे पास प्रतिदिन सैकड़ों मरीज आते हैं, और डॉक्टर पूरी कोशिश करते हैं कि हर मरीज को उचित समय पर सही उपचार मिले और उसका ध्यान रखा जाएं।
प्राचार्य ने बताया कि वर्तमान में कुछ विभागों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी जरूर है, लेकिन फिर भी अस्पताल की टीम मिल-जुलकर काम कर रही है। “हमारी कोशिश यही रहती है कि ओपीडी उसी डॉक्टर से कराई जाए, जिससे मरीज पहले से इलाज करा रहा हो, ताकि निरंतरता बनी रहे।
उन्होंने यह भी माना कि कई बार डॉक्टरों की कमी या स्थानांतरण के कारण अस्थायी दिक्कतें आती हैं। “कुछ डॉक्टरों ने निजी क्षेत्र की ओर रुख किया है क्योंकि वहां वेतन अधिक है। हमने सरकार को कई बार पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि यहां के डॉक्टरों का वेतन यूपी के बराबर किया जाए।
डॉ. जैन ने कहा कि प्रशासन ने इस दिशा में सकारात्मक पहल की है और हाल ही में कई नए इंटरव्यू भी संपन्न हुए हैं। जल्द ही नए डॉक्टर जुड़ेंगे और जो थोड़ी बहुत कमी है, वह भी दूर की जाएगी।
उन्होंने दावा किया कि अस्पताल में हाल के महीनों में सुविधाओं में भी सुधार हुआ है। “हमने मरीजों की सुविधा के लिए एसएमएस सेवा बढ़ाई है, लैब सुविधाओं में सुधार किया है और सेंट्रीफ्यूज जैसी नई मशीनें लगाई हैं।
प्राचार्य गीता जैन ने कहा कि कुछ घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जा रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि अस्पताल में सेवाएं लगातार बेहतर हो रही हैं। “हम सभी डॉक्टरों और स्टाफ का उद्देश्य एक ही है, कि मरीजों की सेवा। और इसमें कोई ढीलाई नहीं बरती जा रही।